ई-श्रम पोर्टल पर तत्काल कराये पंजीयन व विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पायें

सुलतानपुर 13 दिसम्बर /सहायक श्रमायुक्त नासिर खान ने बताया कि भारत सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के कामगारों का राष्ट्रीय डेटा बेस तैयार करने के उद्देश्य से ई-श्रम www.eshram.gov.in पोर्टल का आरम्भ किया गया है। इस पोर्टल पर वे सभी व्यक्ति अपना पंजीकरण करा सकते है जो आयकरदाता नहीं है तथा EPFO/ESIC से आवर्त नहीं है। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के उपरान्त आपदा या महामारी जैसी कठिन परिस्थितियों में केन्द्र व राज्य सरकार से मदद प्राप्त करने में आसानी होगी। ई-श्रम कार्ड पूरे भारत में मान्य है। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन www.eshram.gov.in पोर्टल पर अपने आधार कार्ड, बैंक पासबुक के साथ अपने स्मार्ट फोन से या किसी भी जनसुविधा केन्द्र के माध्यम से सरलता से पंजीयन कराया जा सकता है। अब तक जनपद सुलतानपुर में कुल 2,91,921 व्यक्तियों ने इस पोर्टल पर अपना पंजीयन करा लिया है। सभी पात्र व्यक्तियों से अपील है कि इस पोर्टल पर पंजीयन के द्वारा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठायें। अतिरिक्त जानकारी हेतु कार्यालय सहायक श्रमायुक्त रूद्रनगर, सुलतानपुर से सम्पर्क किया जा सकता है सुल्तानपुर श्रम प्रवर्तंन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय ने रजिस्ट्रेशन के फायदे के बारे मे बिस्तार बातया कौन इसका लाभ उठा सकता है
ई-श्रम पोर्टल (e-SHRAM Portal) के जरिए सरकार का लक्ष्य असंगठित क्षेत्र के निर्माण मजदूरों के अलावा प्रवासी श्रमिक, रेहड़ी-पटरी वाले और घरेलू कामगार आदि शामिल
रजिस्ट्रेशन के बाद क्या-क्या फायदे, कौन उठा सकता है
E-SHRAM Card: असंठित क्षेत्र के कामगारों के लिए केंद्र सरकार ने इस साल अगस्त माह में ई-श्रम (E-SHRAM Portal) पोर्टल लॉन्च किया। इससे असंगठित क्षेत्र के करीब 38 करोड़ कामगारों को फायदा होगा। इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले कामगार को एक ई-श्रम कार्ड (e-SHRAM Card) जारी किया जाएगा। इस कार्ड की मदद से रजिस्टर्ड कामगार देश में कहीं भी, कभी भी विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। इसके अलावा फ्री दुर्घटना बीमा की मदद भी है। ई-श्रम पोर्टल पर कामगारों के रजिस्ट्रेशन के लिए 31 दिसंबर तक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन इससे पहले जान लें ई-श्रम कार्ड आखिर है क्या और इसे लेने के लिए पात्रता शर्तें क्या हैं-
कार्ड में रहेगा 12 अंकों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर असंगठित क्षेत्र के कामगारों में निर्माण मजदूरों के अलावा प्रवासी श्रमिक, रेहड़ी-पटरी वाले और घरेलू कामगार आदि शामिल हैं। ई-श्रम कार्ड में 12 अंकों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यानी यूएएन रहेगा। ये कार्ड पूरे देश में हर जगह वैध रहेगा। यूएएन नंबर एक स्थायी नंबर होगा अर्थात एक बार प्रदान किए जाने के बाद, यह कामगार के लिए अपरिवर्तित रहेगा। ई-श्रम कार्ड जीवन भर के लिए मान्य है। लिहाजा इसके रिन्युअल की कोई आवश्यकता नहीं है।
कामगार नियमित रूप से अपना विवरण, मोबाइल नंबर, वर्तमान पता आदि अपडेट कर सकते हैं। अपने खाते को सक्रिय रखने के लिए, वर्ष में कम से कम एक बार अपना खाता अपडेट करना आवश्यक है। ई-श्रम पोर्टल पर जाकर या सीएससी के माध्यम से कामगार अपना विवरण अपडेट कर सकते हैं। अपडेट की जा सकने वाली डिटेल्स में मोबाइल नंबर, वर्तमान पता, व्यवसाय, शैक्षिक योग्यता, कौशल के प्रकार, पारिवारिक विवरण आदि शामिल हैं।
कौन नहीं ले सकता ई-श्रम कार्ड
ई-श्रम कार्ड केवल असंठित क्षेत्र के कामगारों के लिए है। लिहाजा ईपीएफओ या ईएसआईसी के मेंबर, ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाएंगे। कोई भी कामगार जो गृह-आधारित कामगार, सेल्फ इंप्लॉइड कामगार या असंगठित क्षेत्र में कार्यरत वेतन भोगी कामगार है और ईएसआईसी या ईपीएफओ का सदस्य नहीं है, उसे असंगठित कामगार कहा जाता है। असंगठित क्षेत्र में ऐसे प्रतिष्ठान/इकाइयां शामिल हैं जो वस्तुओं/सेवाओं के उत्पादन/बिक्री में लगी हुई हैं और 10 से कम कामगारों को नियोजित करती हैं। ये इकाइयां ईएसआईसी और ईपीएफओ के अंतर्गत कवर नहीं हैं। असंगठित कामगार के रूप में ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए कोई आय मानदंड नहीं हैं। ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए आय का कोई मानदंड नहीं हैं लेकिन कामगार को आयकरदाता नहीं होना चाहिए

मिशन विजय

Mission Vijay Hindi News Paper Sultanpur, U.P.

सुलतानपुर 23 अगस्त/वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान के तहत बैंक ऑफ़ बड़ौदा सुलतानपुर व वाराणसी कार्यालय द्वारा ग्राम पंचायत स्तरीय तक पहुंच बनाने हेतु जन सुरक्षा संतृप्ति शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के मुख्य अतिथि सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार श्री एम. नागराजू द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर बैंक ऑफ़ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. देबदत्त चांद, महाप्रबंधक विमल कुमार नेगी, अंचल प्रमुख शैलेन्द्र कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अंकुर कौशिक, प्रशिक्षु आईएएस रिदम आनन्द सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण एवं बैंक ऑफ बड़ौदा समूह के अधिकारी/कर्मचारीगण, स्वयं सहायता समूह के सदस्य आदि मौजूद रहे।  
          मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा मुख्य अतिथि सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार का पुष्पगुच्छ व ओ.डी.ओ.पी. उत्पाद मोमेंटो देकर स्वागत किया गया। पल्लवी नाट्य संस्थान के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
         तत्पश्चात कार्यक्रम के शुभारम्भ अवसर पर मुख्य अतिथि वित्त मंत्रालय के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य वित्तीय समावेशन योजनाओं पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई और एपीवाई, पीएमजेडीवाई, खाता खोलने, नामांकन के महत्व, पुनः-केवाईसी और डिजिटल धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए सुरक्षित बैंकिंग प्रथाओं के बारे में जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं तक निर्बाध पहुंच और धोखाधड़ी की रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। उन्होंने कहा कि जनधन खातों के अन्तर्गत बहुत बड़ी संख्या में अभी तक लोगों द्वारा ईकेवाईसी व नॉमिनी आदि का अंकन नहीं किया गया है। कार्यशाला के माध्यम से वित्तीय समावेशन का  जनजागरूकता  अभियान चलाकर आम जनमानस तक बैंकिंग सेवाओं की पहंुच बढ़ाना है तथा लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
        वित्त सचिव महोदय ने बताया कि इस शिविर के माध्यम से अब तक देश की 60 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को कवर कर लिया गया है, अब तक 21 लाख  लोगों का प्रधानमंत्री जनधन खाता खुल चुका है, 23 लाख लोग पीएम जीवन सुरक्षा योजना, 40 लाख लोग प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं 8.5 लाख लोग अटल पेंशन योजना का लाभ ले रहे है।
        मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा अपने सम्बोधन में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बैंकों के माध्यम से लोगों तक उपलब्ध कराया जाता है। यहां उपस्थित सभी बैंकों के प्रतिनिधियों द्वारा बैंकिंग सम्बन्धी समस्त सुविधाएं निचले स्तर तक लोगों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय।
        वित्तीय समावेशन कार्यशाला में बड़ी संख्या में समूह की महिलाओं व् बी.सी. सखियों ने भागीदारी की, मुख्य अतिथि महोदय द्वारा पात्र लाभार्थियों- सीमा देवी को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, किरन देवी, मुफीद अहमद, दीपक कुमार, अजीत कुमार मिश्रा को पीएमजेजेबीवाई योजनान्तर्गत 2-2 लाख रुपये का चेक वितरित किया गया। इसी प्रकार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत संचालित स्वयं सहायता समूह- प्रधान महिला जय बजरंगबली, शिव शक्ति, मॉ काली प्रेरणा को 6-6 लाख रुपए का चेक वितरित किया गया।

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