मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में कर्मचारियों को वर्ष 2019-20
के लिए 30 दिन के तदर्थ बोनस के भुगतान करने का निर्णय

तदर्थ बोनस भुगतान से राज्य सरकार पर कुल 1022.75 करोड़ रु0 का व्ययभार आएगा

तदर्थ बोनस भुगतान के निर्णय से लगभग 15 लाख कर्मचारी लाभान्वित होंगे

राज्य कर्मचारियों, राजकीय विभागों के कार्य प्रभारित कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं के शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, स्थानीय निकायों
के कर्मचारियों तथा राज्य सरकार के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों
को तदर्थ बोनस का भुगतान किया जाएगा
लखनऊ: 05 नवम्बर, 2020
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देशों के क्रम में प्रदेश सरकार द्वारा राज्य कर्मचारियों, राजकीय विभागों के कार्य प्रभारित कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं के शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, स्थानीय निकायों के कर्मचारियों तथा राज्य सरकार के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को वर्ष 2019-20 के लिए 30 दिन के तदर्थ बोनस के भुगतान करने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से कुल लगभग 15 लाख कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
यह जानकारी आज यहां देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि तदर्थ बोनस की सुविधा अपुनरीक्षित वेतनमानों में गे्रड वेतन 4800 रुपए (पुनरीक्षित में वेतन मैट्रिक्स लेवल-8) तक के पद पर कार्यरत अराजपत्रित कर्मचारियों को अनुमन्य होगी। तदर्थ बोनस के रूप में मासिक परिलब्धियों की अधिकतम सीमा 7,000 रुपए होगी तथा एक माह में औसत दिनों की संख्या 30.4 के आधार पर दिनांक 31 मार्च, 2020 को ग्राह्य परिलब्धियों के अनुसार 30 दिन की परिलब्धियां आगणित की जाएगी। इस प्रकार एक कर्मचारी को अधिकतम 6,908 रुपए बोनस के रूप में अनुमन्य होगा।

प्रवक्ता ने बताया कि तदर्थ बोनस की 75 प्रतिशत धनराशि भविष्य निधि खाते में जमा की जाएगी तथा शेष 25 प्रतिशत का भुगतान नकद किया जाएगा। जो कर्मचारी भविष्य निधि खाते के सदस्य नहीं हैं, उन्हें धनराशि एन0एस0सी0 के रूप में प्रदान की जाएगी। तदर्थ बोनस भुगतान से राज्य सरकार पर कुल 1022.75 करोड़ रुपए का व्ययभार आएगा।

मिशन विजय

Mission Vijay Hindi News Paper Sultanpur, U.P.

सुलतानपुर 23 अगस्त/वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान के तहत बैंक ऑफ़ बड़ौदा सुलतानपुर व वाराणसी कार्यालय द्वारा ग्राम पंचायत स्तरीय तक पहुंच बनाने हेतु जन सुरक्षा संतृप्ति शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के मुख्य अतिथि सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार श्री एम. नागराजू द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर बैंक ऑफ़ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. देबदत्त चांद, महाप्रबंधक विमल कुमार नेगी, अंचल प्रमुख शैलेन्द्र कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अंकुर कौशिक, प्रशिक्षु आईएएस रिदम आनन्द सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण एवं बैंक ऑफ बड़ौदा समूह के अधिकारी/कर्मचारीगण, स्वयं सहायता समूह के सदस्य आदि मौजूद रहे।  
          मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा मुख्य अतिथि सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार का पुष्पगुच्छ व ओ.डी.ओ.पी. उत्पाद मोमेंटो देकर स्वागत किया गया। पल्लवी नाट्य संस्थान के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
         तत्पश्चात कार्यक्रम के शुभारम्भ अवसर पर मुख्य अतिथि वित्त मंत्रालय के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य वित्तीय समावेशन योजनाओं पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई और एपीवाई, पीएमजेडीवाई, खाता खोलने, नामांकन के महत्व, पुनः-केवाईसी और डिजिटल धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए सुरक्षित बैंकिंग प्रथाओं के बारे में जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं तक निर्बाध पहुंच और धोखाधड़ी की रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। उन्होंने कहा कि जनधन खातों के अन्तर्गत बहुत बड़ी संख्या में अभी तक लोगों द्वारा ईकेवाईसी व नॉमिनी आदि का अंकन नहीं किया गया है। कार्यशाला के माध्यम से वित्तीय समावेशन का  जनजागरूकता  अभियान चलाकर आम जनमानस तक बैंकिंग सेवाओं की पहंुच बढ़ाना है तथा लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
        वित्त सचिव महोदय ने बताया कि इस शिविर के माध्यम से अब तक देश की 60 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को कवर कर लिया गया है, अब तक 21 लाख  लोगों का प्रधानमंत्री जनधन खाता खुल चुका है, 23 लाख लोग पीएम जीवन सुरक्षा योजना, 40 लाख लोग प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं 8.5 लाख लोग अटल पेंशन योजना का लाभ ले रहे है।
        मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा अपने सम्बोधन में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बैंकों के माध्यम से लोगों तक उपलब्ध कराया जाता है। यहां उपस्थित सभी बैंकों के प्रतिनिधियों द्वारा बैंकिंग सम्बन्धी समस्त सुविधाएं निचले स्तर तक लोगों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय।
        वित्तीय समावेशन कार्यशाला में बड़ी संख्या में समूह की महिलाओं व् बी.सी. सखियों ने भागीदारी की, मुख्य अतिथि महोदय द्वारा पात्र लाभार्थियों- सीमा देवी को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, किरन देवी, मुफीद अहमद, दीपक कुमार, अजीत कुमार मिश्रा को पीएमजेजेबीवाई योजनान्तर्गत 2-2 लाख रुपये का चेक वितरित किया गया। इसी प्रकार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत संचालित स्वयं सहायता समूह- प्रधान महिला जय बजरंगबली, शिव शक्ति, मॉ काली प्रेरणा को 6-6 लाख रुपए का चेक वितरित किया गया।

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