जब ज्वाइन करने पहुंचा शख्स तब फ्राड का पता चला पांच-पांच लाख में बांटे 46 फर्जी नियुक्ति पत्र पांच वर्षों के लिए होनी थी ज्वाइनिंग

पांच-पांच लाख में बांटे 46 फर्जी नियुक्ति पत्र, प्रयागराज में ज्वाइन करने पहुंचा शख्स तब फर्जीवाड़े का चला पता
पुलिस ने प्रकाश से पूछताछ की तो पता चला कि ऐसे 46 नियुक्ति पत्र जारी कर लाखों रुपये लिए गए। इन 46 युवकों में अभी यह पहला युवक पकड़ा गया है। अभी भी 45 फर्जी नियुक्ति पत्र कहां हैं और उसके धारक कहां है इसकी तलाश हो रही है।
करछना में फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर ज्वाइन करने पहुंचा युवक तब लिया गया हिरासत में
प्रयागराज में करछना विकास खंड में नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। पांच-पांच लाख रुपये में 46 लोगों को ब्लाक प्रोग्रमिंग मैनेजर के पद के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र जारी हुए हैं। इनमें से एक युवक मंगलवार को करछना विकास खंड में नियुक्ति पत्र लेकर ज्वाइनिंग करने पहुंचा। फर्जीवाड़ा सामने आया तो इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों समेत विकास भवन में जिला पंचायत राज अधिकारी को दी। इस बारे में सूचना मिली तो पुलिस पहुंची और पूछताछ के लिए युवक को थाने ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है। फिलहाल इस मामले से किसी बड़े गिरोह के खुलासे की संभावना है।
फर्जी नियुक्ति पत्र देखकर अवाक रह गए अधिकारी भी शहर में प्रीतम नगर का रहने वाला प्रकाश गौड़ पंचायत राज विभाग में ब्लाक प्रोग्रमिंग मैनेजर के पद के लिए नियुक्ति पत्र लेकर मंगलवार को करछना ब्लाक पहुंचा। फर्जी नियुक्ति पत्र देखकर ब्लाक के अधिकारी सन्न रह गए। एडीओ पंचायत विवेक कुमार मिश्रा ने करछना थाने मे तहरीर देते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को घटना की जानकारी दी। जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार सिन्हा ने बताया कि इस प्रकार के किसी भी पद पर कोई नियुक्ति नहीं हुई है। यह नियुक्ति पत्र पूरी तरह से फर्जी है।अगर कहीं, दूसरी व्यक्ति भी इस तरह का पत्र लेकर आता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस मामले में किसी गिरोह की संलिप्तता की आशंका जताई है। अधिकारी के अनुसार कुछ शातिर ब्लाक में नौकरी लगवाने के नाम पर बेरोजगार युवकों से रुपये ठग रहे हैं। ब्लाक में किसी भी पद के नियुक्ति की एक निर्धारित प्रक्रिया है। इसके बारे में अखबार के साथ ही आधिकारिक वेबसाइट पर सूचना डाली जाती है।
पांच वर्षों के लिए होनी थी ज्वाइनिंग
फर्जी नियुक्ति पत्र में अपर मुख्य सचिव पंचायती राज का आदेश था। जिसमें चयनित प्रकाश गौड़ को 23 हजार 500 रुपये मासिक मानदेय पर पांच वर्ष के लिए ज्वाइन करना था। पत्र में 17 जनवरी से 24 जनवरी के बीच करछना ब्लाक में उपस्थित होकर ब्लाक प्रोग्राम मैनेजर का पद ग्रहण करने की बात लिखी थी। इस पत्र को जारी करने की तिथि तीन दिसंबर 2021 लिखी है। इस पर डीपीआरओ के हस्ताक्षर हैं। जिलाधिकारी समेत पांच लोगों को प्रतिलिपि भेजने की बात भी लिखी है। डीपीआरओ ने इस पर उनके हस्ताक्षर होने से इंकार किया है।
46 लोगों को जारी हुआ फर्जी नियुक्ति पत्र
पुलिस ने प्रकाश से कड़ाई से पूछताछ की तो पता चला कि इस तरीके के 46 नियुक्ति पत्र जारी हुए हैं। यानी 46 लोगों को नौकरी के नाम पर लाखों रुपये हड़पे गए हैं। हालांकि इन 46 युवकों में अभी यह पहला युवक पकड़ा गया है। अभी भी 45 फर्जी नियुक्ति पत्र कहां हैं और उसके धारक कहां है, अब इसकी तलाश की जा रही है। पुलिस की कई टीमें गिरोह की टोह लेने में जुट गई हैं। पुलिस अधिकारी विचार कर रहे हैं कि इस पीड़ित युवक से तहरीर लेकर जालसाजी और ठगी का मुकदमा लिखा जाए ताकि गिरोह के लोगों की धरपकड़ हो सके।

मिशन विजय

Mission Vijay Hindi News Paper Sultanpur, U.P.

सुलतानपुर 23 अगस्त/वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान के तहत बैंक ऑफ़ बड़ौदा सुलतानपुर व वाराणसी कार्यालय द्वारा ग्राम पंचायत स्तरीय तक पहुंच बनाने हेतु जन सुरक्षा संतृप्ति शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के मुख्य अतिथि सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार श्री एम. नागराजू द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर बैंक ऑफ़ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. देबदत्त चांद, महाप्रबंधक विमल कुमार नेगी, अंचल प्रमुख शैलेन्द्र कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अंकुर कौशिक, प्रशिक्षु आईएएस रिदम आनन्द सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण एवं बैंक ऑफ बड़ौदा समूह के अधिकारी/कर्मचारीगण, स्वयं सहायता समूह के सदस्य आदि मौजूद रहे।  
          मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा मुख्य अतिथि सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार का पुष्पगुच्छ व ओ.डी.ओ.पी. उत्पाद मोमेंटो देकर स्वागत किया गया। पल्लवी नाट्य संस्थान के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
         तत्पश्चात कार्यक्रम के शुभारम्भ अवसर पर मुख्य अतिथि वित्त मंत्रालय के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य वित्तीय समावेशन योजनाओं पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई और एपीवाई, पीएमजेडीवाई, खाता खोलने, नामांकन के महत्व, पुनः-केवाईसी और डिजिटल धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए सुरक्षित बैंकिंग प्रथाओं के बारे में जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं तक निर्बाध पहुंच और धोखाधड़ी की रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। उन्होंने कहा कि जनधन खातों के अन्तर्गत बहुत बड़ी संख्या में अभी तक लोगों द्वारा ईकेवाईसी व नॉमिनी आदि का अंकन नहीं किया गया है। कार्यशाला के माध्यम से वित्तीय समावेशन का  जनजागरूकता  अभियान चलाकर आम जनमानस तक बैंकिंग सेवाओं की पहंुच बढ़ाना है तथा लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
        वित्त सचिव महोदय ने बताया कि इस शिविर के माध्यम से अब तक देश की 60 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को कवर कर लिया गया है, अब तक 21 लाख  लोगों का प्रधानमंत्री जनधन खाता खुल चुका है, 23 लाख लोग पीएम जीवन सुरक्षा योजना, 40 लाख लोग प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं 8.5 लाख लोग अटल पेंशन योजना का लाभ ले रहे है।
        मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा अपने सम्बोधन में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बैंकों के माध्यम से लोगों तक उपलब्ध कराया जाता है। यहां उपस्थित सभी बैंकों के प्रतिनिधियों द्वारा बैंकिंग सम्बन्धी समस्त सुविधाएं निचले स्तर तक लोगों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय।
        वित्तीय समावेशन कार्यशाला में बड़ी संख्या में समूह की महिलाओं व् बी.सी. सखियों ने भागीदारी की, मुख्य अतिथि महोदय द्वारा पात्र लाभार्थियों- सीमा देवी को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, किरन देवी, मुफीद अहमद, दीपक कुमार, अजीत कुमार मिश्रा को पीएमजेजेबीवाई योजनान्तर्गत 2-2 लाख रुपये का चेक वितरित किया गया। इसी प्रकार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत संचालित स्वयं सहायता समूह- प्रधान महिला जय बजरंगबली, शिव शक्ति, मॉ काली प्रेरणा को 6-6 लाख रुपए का चेक वितरित किया गया।

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