■राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटाये गये 42730 वाद

बैंक ऋण सम्बन्धी वादों में मु0 60044054 /- का समझौता किया गया

सुल्तानपुर/ रविवार को जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश पाण्डेय की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इससे पहले सुबह दस बजे मीटिंग हाल में दीप प्रज्वलन के साथ रास्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन किया गया ।उक्त के अतिरिक्त समस्त पीठासीन अधिकारियों द्वारा अपने-अपने न्यायालय में नियत किये गये वादों को निस्तारित किया गया।
आयोजित की गयी इस राष्ट्रीय लोक अदालत में माननीय जनपद न्यायाधीश द्वारा कुल एक वाद, इसके अतिरिक्त परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश मोहम्मद असरफ अन्सारी एवं अपर प्रधान न्यायाधीश मधु गुप्ता, नीलिमा सिंह द्वारा कुल 97 वैवाहिक वादों को जरिये सुलह समझौता निस्तारित किया गया। रमेश सिंह, अध्यक्ष मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा 17 वाद मोटर एक्सीडेण्ट क्लेम पेटीशन निस्तारित किया गया।
इस लोक अदालत में अपर जनपद न्यायाधीशगण, प्रथम अपर जनपद न्यायाधीश इन्तेखाब आलम द्वारा कुल एक वाद, नवनीत गिरी द्वारा दो वाद, अभय श्रीवास्तव द्वारा 47 वाद, रामविलास प्रसाद द्वारा एक वाद, त्रिभुवन नाथ पासवान द्वारा चार वाद, पवन कुमार शर्मा द्वारा एक वाद, अंकुर शर्मा द्वारा दोवाद एवं जलाल मो० अकबर द्वारा एक तथा इसके अतिरिक्त बैंक से सम्बन्धित उपरोक्त समस्त अपर जनपद न्यायाधीश द्वारा कुल 1249 प्रीलिटिगेशन
वादों को निस्तारित कराया गया।जिसमें बैंको के ऋण सम्बन्धी वादों में मु0 60044054 /- का समझौता किया गया तथा वैवाहिक सम्बन्धी प्रीलिटिगेशन के 11 वादों को निस्तारित किया गया।उपरोक्त के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सपना त्रिपाठी द्वारा 1716 वाद, सिविल जज प्रवर खण्ड बटेश्वर कुमार अपर सिविल जज द्वारा 22 वाद एवं अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट योगेश कुमार यादव द्वारा 757 वाद, अपर सिविल जज प्रवर खण्ड, किरन गौड, द्वारा 518 बाद, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सिद्दिकी सैयमा र्जरार आलम द्वारा 660 वाद,क्षितीश पाण्डेय, सिविल जज (प्रवर खण्ड) एफटीसी द्वारा 427 वाद, शालीन मिश्रा, सिविल जज अवर खण्ड दक्षिणी द्वारा 39 वाद, शिवम् वशिष्ठ, सिविल जज अवर खण्ड मुसाफिरखाना द्वारा 132 वाद, अमित सिंह सिविल जज अपर खण्ड उत्तरी द्वारा 13 वाद, नमितेश गुप्ता, सिविल जज कादीपुर द्वारा 266 वाद एवं अरूण कुमार श्रीवास्तव विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा धारा 138 एन0आई एक्ट के 27 वाद निस्तारित किये गये। इसके अतिरिक्त अन्य न्यायिक अधिकारियों में शामवील रिजवान द्वारा 273 प्रज्ञा पारासर, घरेलू हिंसा / द्वारा 123 वाद निस्तारित किये गये।
उपरोक्त के अतिरिक्त जिलाधिकारी सुलतानपुर एवं उनके अधीन कार्यरत समस्त पीठासीन अधिकारियों द्वारा 23320 वाद तथा जिलाधिकारी अमेठी एवं उनके अधीन कार्यरत समस्त पीठासीन अधिकारियों द्वारा 11930 वाद निस्तारित कराये गये ।
उक्त जानकारी अपर जनपद न्यायाधीश / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अभिषेक सिन्हा ने दी।
हेल्प डेस्क पर डटे रहे वालेंटियर

(सुल्तानपुर) वादकारियों की मदद करने के लिए केएनआईपीएसएस विधि के असिस्टेंस प्रोफेसर प्रभात कुमार सिंह, प्रो अब्दुल हफीज खाँ, विधि के बुतुल किदवई, शमा नूरी, स्वाति साहू, तश्मिया सिराज, अज़रा शकील, शाहीन फातिमा, योगिता पांडेय, प्रिया यादव, सलोनी निषाद ,छात्र शिवम दूबे,रुस्तम मेहदी, प्रवीन कुमार उपाध्याय, कुशल कुमार तिवारी, सतीश पटेल, राहुल वर्मा समेत दर्जनों रहे।वहीं हेल्प डेस्क पर पैरा लीगल वालेंटियर सतीश पांडेय, नामिका अधिवक्ता अमित पांडेय, पीएलवी केके उपाध्यय, योगेश यादव, श्रवण कुमार, अनुज विश्वकर्मा आदि रहे।

मिशन विजय

Mission Vijay Hindi News Paper Sultanpur, U.P.

सुलतानपुर 23 अगस्त/वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान के तहत बैंक ऑफ़ बड़ौदा सुलतानपुर व वाराणसी कार्यालय द्वारा ग्राम पंचायत स्तरीय तक पहुंच बनाने हेतु जन सुरक्षा संतृप्ति शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के मुख्य अतिथि सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार श्री एम. नागराजू द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर बैंक ऑफ़ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. देबदत्त चांद, महाप्रबंधक विमल कुमार नेगी, अंचल प्रमुख शैलेन्द्र कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अंकुर कौशिक, प्रशिक्षु आईएएस रिदम आनन्द सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण एवं बैंक ऑफ बड़ौदा समूह के अधिकारी/कर्मचारीगण, स्वयं सहायता समूह के सदस्य आदि मौजूद रहे।  
          मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा मुख्य अतिथि सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार का पुष्पगुच्छ व ओ.डी.ओ.पी. उत्पाद मोमेंटो देकर स्वागत किया गया। पल्लवी नाट्य संस्थान के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
         तत्पश्चात कार्यक्रम के शुभारम्भ अवसर पर मुख्य अतिथि वित्त मंत्रालय के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य वित्तीय समावेशन योजनाओं पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई और एपीवाई, पीएमजेडीवाई, खाता खोलने, नामांकन के महत्व, पुनः-केवाईसी और डिजिटल धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए सुरक्षित बैंकिंग प्रथाओं के बारे में जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं तक निर्बाध पहुंच और धोखाधड़ी की रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। उन्होंने कहा कि जनधन खातों के अन्तर्गत बहुत बड़ी संख्या में अभी तक लोगों द्वारा ईकेवाईसी व नॉमिनी आदि का अंकन नहीं किया गया है। कार्यशाला के माध्यम से वित्तीय समावेशन का  जनजागरूकता  अभियान चलाकर आम जनमानस तक बैंकिंग सेवाओं की पहंुच बढ़ाना है तथा लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
        वित्त सचिव महोदय ने बताया कि इस शिविर के माध्यम से अब तक देश की 60 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को कवर कर लिया गया है, अब तक 21 लाख  लोगों का प्रधानमंत्री जनधन खाता खुल चुका है, 23 लाख लोग पीएम जीवन सुरक्षा योजना, 40 लाख लोग प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं 8.5 लाख लोग अटल पेंशन योजना का लाभ ले रहे है।
        मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा अपने सम्बोधन में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बैंकों के माध्यम से लोगों तक उपलब्ध कराया जाता है। यहां उपस्थित सभी बैंकों के प्रतिनिधियों द्वारा बैंकिंग सम्बन्धी समस्त सुविधाएं निचले स्तर तक लोगों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय।
        वित्तीय समावेशन कार्यशाला में बड़ी संख्या में समूह की महिलाओं व् बी.सी. सखियों ने भागीदारी की, मुख्य अतिथि महोदय द्वारा पात्र लाभार्थियों- सीमा देवी को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, किरन देवी, मुफीद अहमद, दीपक कुमार, अजीत कुमार मिश्रा को पीएमजेजेबीवाई योजनान्तर्गत 2-2 लाख रुपये का चेक वितरित किया गया। इसी प्रकार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत संचालित स्वयं सहायता समूह- प्रधान महिला जय बजरंगबली, शिव शक्ति, मॉ काली प्रेरणा को 6-6 लाख रुपए का चेक वितरित किया गया।

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