उत्तर प्रदेश योगी सरकार ने आउटसोर्सिंग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती में किया बड़ा बदलाव जिसके तहत अब इस भर्ती के लिए 12वीं पास तक के युवा ही आवेदन कर सकेंगे. इससे अधिक पढ़े लिखे युवाओं को अयोग्य माना जाएगा

CM Yogi Adityanath
CM Yogi Adityanath

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती के नियमों में बढ़ा बदलाव किया है. जिसके तहत अब यूपी में आउटसोर्सिंग के जरिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती में 12वीं क्लास से अधिक पढ़े लिखे युवा आवेदन नहीं कर पाएंगे. इसके अलावा एक जैसा काम रने वालों का पद नाम और शैक्षणिक योग्यता के साथ उनका मानदेय भी तय किया जाएगा. आउटसोर्सिंग चतुर्थ श्रेणी की भर्ती के लिए योगी सरकार नई आउटसोर्सिंग पॉलिसी को लागू करेगी. जिसके तहत आउटसोर्सिंग के जरिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की न्यूनतम और अधिकतम योग्यता 12वीं पास ही होगी. इससे अधिक यानी स्नातक या परा-स्नातक डिग्री धारकों को अयोग्य माना जाएगा. आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की मांग पर सरकार ने लिया फैसला

बता दें कि सरकारी विभागों और संस्थानों में आउटसोर्सिंग कर्मचारी लंबे समय से शिकायत कर रहे थे कि उनका शोषण किया जा रहा है. अब योगी सरकार नई आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत इस व्यवस्था को सुधारने जा रही है. जिसके लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं. इस संबंध में 10 अक्टूबर को श्रम विभाग ने एक कैबिनेट प्रस्ताव शासन को भेजा था. इसके अगले ही दिन सीएम योगी आदित्यनाथ ने इन सुझावों को शामिल कर नए प्रस्ताव के लिए मुख्य सचिव के साथ बैठक की और इसे अंतिम रूप भी दे दिया.

क्या है यूपी में नई आउटसोर्सिंग पॉलिसी

यूपी की नई आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत चतुर्थ श्रेणी पदों के लिए न्यूनतम शैक्षिक अर्हता अथवा अधिकतम 12वीं पास ही होगी. जबकि इससे अधिक शैक्षिक योग्यता धारकों को अयोग्य माना जाएगा. वहीं चतुर्थ श्रेणी लिपिकीय तृतीय श्रेणी तकनीकी सुपरवाइजरी की भर्तियों में किसी भी प्रकार की प्रशिक्षण सूची नहीं बनाई जाएगी. वहां पद रिक्त होने पर नए सिरे से भर्ती की जाएगी. वहीं ऐसे पद जो मानकीकृत सूची में नहीं हैं, वह जिस पर कोई विभाग तैनाती करना चाहता है उन पदों के पद नाम न्यूनतम शैक्षिक अर्हता और मानदेय का निर्धारण विभाग द्वारा किया जाएगा. वहीं यदि कोई विभाग न्यूनतम मानदेय से अधिक देना चाहता है तो वह वित्त विभाग की सहमति लेकर ही दे पाएगा.

मिशन विजय

Mission Vijay Hindi News Paper Sultanpur, U.P.

सुलतानपुर 23 अगस्त/वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान के तहत बैंक ऑफ़ बड़ौदा सुलतानपुर व वाराणसी कार्यालय द्वारा ग्राम पंचायत स्तरीय तक पहुंच बनाने हेतु जन सुरक्षा संतृप्ति शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के मुख्य अतिथि सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार श्री एम. नागराजू द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर बैंक ऑफ़ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. देबदत्त चांद, महाप्रबंधक विमल कुमार नेगी, अंचल प्रमुख शैलेन्द्र कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अंकुर कौशिक, प्रशिक्षु आईएएस रिदम आनन्द सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण एवं बैंक ऑफ बड़ौदा समूह के अधिकारी/कर्मचारीगण, स्वयं सहायता समूह के सदस्य आदि मौजूद रहे।  
          मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा मुख्य अतिथि सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार का पुष्पगुच्छ व ओ.डी.ओ.पी. उत्पाद मोमेंटो देकर स्वागत किया गया। पल्लवी नाट्य संस्थान के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
         तत्पश्चात कार्यक्रम के शुभारम्भ अवसर पर मुख्य अतिथि वित्त मंत्रालय के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य वित्तीय समावेशन योजनाओं पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई और एपीवाई, पीएमजेडीवाई, खाता खोलने, नामांकन के महत्व, पुनः-केवाईसी और डिजिटल धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए सुरक्षित बैंकिंग प्रथाओं के बारे में जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं तक निर्बाध पहुंच और धोखाधड़ी की रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। उन्होंने कहा कि जनधन खातों के अन्तर्गत बहुत बड़ी संख्या में अभी तक लोगों द्वारा ईकेवाईसी व नॉमिनी आदि का अंकन नहीं किया गया है। कार्यशाला के माध्यम से वित्तीय समावेशन का  जनजागरूकता  अभियान चलाकर आम जनमानस तक बैंकिंग सेवाओं की पहंुच बढ़ाना है तथा लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
        वित्त सचिव महोदय ने बताया कि इस शिविर के माध्यम से अब तक देश की 60 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को कवर कर लिया गया है, अब तक 21 लाख  लोगों का प्रधानमंत्री जनधन खाता खुल चुका है, 23 लाख लोग पीएम जीवन सुरक्षा योजना, 40 लाख लोग प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं 8.5 लाख लोग अटल पेंशन योजना का लाभ ले रहे है।
        मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा अपने सम्बोधन में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बैंकों के माध्यम से लोगों तक उपलब्ध कराया जाता है। यहां उपस्थित सभी बैंकों के प्रतिनिधियों द्वारा बैंकिंग सम्बन्धी समस्त सुविधाएं निचले स्तर तक लोगों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय।
        वित्तीय समावेशन कार्यशाला में बड़ी संख्या में समूह की महिलाओं व् बी.सी. सखियों ने भागीदारी की, मुख्य अतिथि महोदय द्वारा पात्र लाभार्थियों- सीमा देवी को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, किरन देवी, मुफीद अहमद, दीपक कुमार, अजीत कुमार मिश्रा को पीएमजेजेबीवाई योजनान्तर्गत 2-2 लाख रुपये का चेक वितरित किया गया। इसी प्रकार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत संचालित स्वयं सहायता समूह- प्रधान महिला जय बजरंगबली, शिव शक्ति, मॉ काली प्रेरणा को 6-6 लाख रुपए का चेक वितरित किया गया।

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