पीएम आवास के लाभार्थी से न लिए जाएं आवेदन, ग्राम्य विकास आयुक्त ने जिलाधिकारियों से क्यों ऐसा कहा?

पीएम आवास के लाभार्थी से आवेदन न लिए जाएं। सर्वेक्षण कर आवास प्लस सूची में शामिल करने पर किसी भी तरह के आवेदन या फॉर्म भरवाने की जरूरत नहीं है।
पीएम आवास के लाभार्थी से न लिए जाएं आवेदन, ग्राम्य विकास आयुक्त ने जिलाधिकारियों से क्यों ऐसा कहा?
प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को सर्वेक्षण कर आवास प्लस सूची में शामिल करने पर किसी भी तरह के आवेदन या फॉर्म भरवाने की जरूरत नहीं है। बल्कि सर्वेक्षण के बाद अगर कोई लाभार्थी छूटता है तो वह आवेदन पत्र देकर अपना नाम जुड़वा सकता है। ग्राम्य विकास आयुक्त जीएस प्रियदर्शी ने सात सितंबर को सभी जनपदों के जिलाधिकारियों का पत्र जारी कर करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास प्लस 2018 की सूची में पात्र लाभार्थियों का नाम जोड़ने के लिए आवास प्लस सर्वेक्षण 2024 की शुरुआत की जा रही है। जिसमें लाभार्थियों का सर्वे कर नाम जोड़े जाने है, लेकिन उनके संज्ञान में आया है कि लाभार्थियों से प्रार्थना पत्र लिए जा रहे या फिर फार्म भरवाए जा रहे हैं। जो पूर्णतय गलत है।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आवास प्लस सर्वेक्षण की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत सचिव की है। उनको आवास प्लस एप पर सर्वेक्षण कर जानकारी देना है। स्पष्ट किया है कि अगर कोई लाभार्थी छूट जाता है तो वह शिकायत पत्र ग्राम पंचायत सचिव, बीडीओ या जिला स्तरीय कमेटी को सौंप सकता है। जिसे जांचोंपरांत आवास प्लस में नाम जोड़ा जाए।
उन्होंने बताया कि अगर सर्वेक्षण के दौरान कोई अधिकारी आवेदन या फॉर्म भरवाता है तो इस पर रोक लगाई जाए। अगर संबंधित कर्मचारी या अधिकारी इस पर रोक नहीं लगाते है तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जाए। कुछ जनपदों से आवास प्लस सर्वेक्षण के नाम पर संबंधित सचिव द्वारा लाभार्थियों से फार्म भरवा जा रहे थे। इस पर उन्होंने ग्राम्य विकास आयुक्त से मोबाइल पर वार्ता कर शिकायत दर्ज कराई थी।

मिशन विजय

Mission Vijay Hindi News Paper Sultanpur, U.P.

सुलतानपुर 23 अगस्त/वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान के तहत बैंक ऑफ़ बड़ौदा सुलतानपुर व वाराणसी कार्यालय द्वारा ग्राम पंचायत स्तरीय तक पहुंच बनाने हेतु जन सुरक्षा संतृप्ति शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के मुख्य अतिथि सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार श्री एम. नागराजू द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर बैंक ऑफ़ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. देबदत्त चांद, महाप्रबंधक विमल कुमार नेगी, अंचल प्रमुख शैलेन्द्र कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अंकुर कौशिक, प्रशिक्षु आईएएस रिदम आनन्द सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण एवं बैंक ऑफ बड़ौदा समूह के अधिकारी/कर्मचारीगण, स्वयं सहायता समूह के सदस्य आदि मौजूद रहे।  
          मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा मुख्य अतिथि सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार का पुष्पगुच्छ व ओ.डी.ओ.पी. उत्पाद मोमेंटो देकर स्वागत किया गया। पल्लवी नाट्य संस्थान के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
         तत्पश्चात कार्यक्रम के शुभारम्भ अवसर पर मुख्य अतिथि वित्त मंत्रालय के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य वित्तीय समावेशन योजनाओं पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई और एपीवाई, पीएमजेडीवाई, खाता खोलने, नामांकन के महत्व, पुनः-केवाईसी और डिजिटल धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए सुरक्षित बैंकिंग प्रथाओं के बारे में जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं तक निर्बाध पहुंच और धोखाधड़ी की रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। उन्होंने कहा कि जनधन खातों के अन्तर्गत बहुत बड़ी संख्या में अभी तक लोगों द्वारा ईकेवाईसी व नॉमिनी आदि का अंकन नहीं किया गया है। कार्यशाला के माध्यम से वित्तीय समावेशन का  जनजागरूकता  अभियान चलाकर आम जनमानस तक बैंकिंग सेवाओं की पहंुच बढ़ाना है तथा लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
        वित्त सचिव महोदय ने बताया कि इस शिविर के माध्यम से अब तक देश की 60 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को कवर कर लिया गया है, अब तक 21 लाख  लोगों का प्रधानमंत्री जनधन खाता खुल चुका है, 23 लाख लोग पीएम जीवन सुरक्षा योजना, 40 लाख लोग प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं 8.5 लाख लोग अटल पेंशन योजना का लाभ ले रहे है।
        मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा अपने सम्बोधन में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बैंकों के माध्यम से लोगों तक उपलब्ध कराया जाता है। यहां उपस्थित सभी बैंकों के प्रतिनिधियों द्वारा बैंकिंग सम्बन्धी समस्त सुविधाएं निचले स्तर तक लोगों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय।
        वित्तीय समावेशन कार्यशाला में बड़ी संख्या में समूह की महिलाओं व् बी.सी. सखियों ने भागीदारी की, मुख्य अतिथि महोदय द्वारा पात्र लाभार्थियों- सीमा देवी को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, किरन देवी, मुफीद अहमद, दीपक कुमार, अजीत कुमार मिश्रा को पीएमजेजेबीवाई योजनान्तर्गत 2-2 लाख रुपये का चेक वितरित किया गया। इसी प्रकार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत संचालित स्वयं सहायता समूह- प्रधान महिला जय बजरंगबली, शिव शक्ति, मॉ काली प्रेरणा को 6-6 लाख रुपए का चेक वितरित किया गया।

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