UGC One Exam Policy : अब नहीं होंगी नीट यूजी, जेईई मेन परीक्षाएं ! यूजीसी का है ये प्रस्ताव

UGC One Exam Policy : सरकार NEET और JEE Main को सीयूईटी में विलय की संभावना तलाश रही है.
UGC One Exam Policy : अगले साल NEET और JEE परीक्षा देने की सोच रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है. यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) मेडिकल और इंजीनियरिंग की इन प्रवेश परीक्षाओं को कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) में मर्ज करने पर विचार कर रहा है. सरकार का विचार सभी अंडरग्रेजुएट प्रवेश परीक्षाओं के लिए एक परीक्षा की नीति बनाने की है. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि सरकार नेशनल इंजीनियरिंग और मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम्स को मौजूदा सीयूईटी में विलय करने की संभावना तलाश रही है.

यूजीसी अध्यक्ष ने कहा कि सरकार जल्द से जल्द एक इंटीग्रेटेड एंट्रेंस एग्जाम शुरू करने पर विचार कर रही है. इसकी शुरुआत अगले साल से हो सकती है. उन्होंने कहा, हमारे पास मुख्यत: तीन बड़े एंट्रेंस एग्जाम हैं- NEET, JEE (Main) और CUET. इनमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल होते हैं. इन तीनों परीक्षाओं का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए द्वारा किया जाता है. इसलिए हम सोच रहे हैं कि क्यों न सीयूईटी स्कोर का इस्तेमाल मल्टिपल डिसिप्लिन में एडमिशन के लिए किया जाए.
सीयूईटी स्कोर से तय होगा डिसिप्लिन
एम जगदीश कुमार ने बताया कि प्रस्ताव के अनुसार, तीनों एंट्रेंस एग्जाम में चार विषयों- गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के लिए छात्रों को अलग-अलग परीक्षा नहीं देनी होगी. वे एक ही परीक्षा देकर विभिन्न डिसिप्लिन में एडमिशन ले सकेंगे. परीक्षा का स्कोर उनकी वांछित स्ट्रीम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. उन्होंने कहा कि वन एग्जाम पॉलिसी के बाद छात्रों को सिर्फ कोर सब्जेक्ट ही नहीं, अन्य कोर्स में भी एडमिशन का मौका मिलेगा. इस पर आम सहमति को लेकर हायर एजुकेशन रेगुलेटरी स्टेकहोल्डर्स के साथ विचार-विमर्श के लिए एक समिति गठित कर रहा है.

तीनों परीक्षाओं के लिए इस साल 4.3 मिलियन रजिस्ट्रेशन
बता दें कि सीयूईटी देश की दूसरी सबसे बड़ी परीक्षा है. सीयूईटी 2022 में 1.49 मिलियन छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. NEET, JEE Main और CUET 2022 के लिए कुल 4.3 मिलियन रजिस्ट्रेशन हुए थे.

मिशन विजय

Mission Vijay Hindi News Paper Sultanpur, U.P.

सुलतानपुर 23 अगस्त/वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान के तहत बैंक ऑफ़ बड़ौदा सुलतानपुर व वाराणसी कार्यालय द्वारा ग्राम पंचायत स्तरीय तक पहुंच बनाने हेतु जन सुरक्षा संतृप्ति शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के मुख्य अतिथि सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार श्री एम. नागराजू द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर बैंक ऑफ़ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. देबदत्त चांद, महाप्रबंधक विमल कुमार नेगी, अंचल प्रमुख शैलेन्द्र कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अंकुर कौशिक, प्रशिक्षु आईएएस रिदम आनन्द सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण एवं बैंक ऑफ बड़ौदा समूह के अधिकारी/कर्मचारीगण, स्वयं सहायता समूह के सदस्य आदि मौजूद रहे।  
          मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा मुख्य अतिथि सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार का पुष्पगुच्छ व ओ.डी.ओ.पी. उत्पाद मोमेंटो देकर स्वागत किया गया। पल्लवी नाट्य संस्थान के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
         तत्पश्चात कार्यक्रम के शुभारम्भ अवसर पर मुख्य अतिथि वित्त मंत्रालय के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य वित्तीय समावेशन योजनाओं पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई और एपीवाई, पीएमजेडीवाई, खाता खोलने, नामांकन के महत्व, पुनः-केवाईसी और डिजिटल धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए सुरक्षित बैंकिंग प्रथाओं के बारे में जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं तक निर्बाध पहुंच और धोखाधड़ी की रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। उन्होंने कहा कि जनधन खातों के अन्तर्गत बहुत बड़ी संख्या में अभी तक लोगों द्वारा ईकेवाईसी व नॉमिनी आदि का अंकन नहीं किया गया है। कार्यशाला के माध्यम से वित्तीय समावेशन का  जनजागरूकता  अभियान चलाकर आम जनमानस तक बैंकिंग सेवाओं की पहंुच बढ़ाना है तथा लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
        वित्त सचिव महोदय ने बताया कि इस शिविर के माध्यम से अब तक देश की 60 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को कवर कर लिया गया है, अब तक 21 लाख  लोगों का प्रधानमंत्री जनधन खाता खुल चुका है, 23 लाख लोग पीएम जीवन सुरक्षा योजना, 40 लाख लोग प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं 8.5 लाख लोग अटल पेंशन योजना का लाभ ले रहे है।
        मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा अपने सम्बोधन में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बैंकों के माध्यम से लोगों तक उपलब्ध कराया जाता है। यहां उपस्थित सभी बैंकों के प्रतिनिधियों द्वारा बैंकिंग सम्बन्धी समस्त सुविधाएं निचले स्तर तक लोगों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय।
        वित्तीय समावेशन कार्यशाला में बड़ी संख्या में समूह की महिलाओं व् बी.सी. सखियों ने भागीदारी की, मुख्य अतिथि महोदय द्वारा पात्र लाभार्थियों- सीमा देवी को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, किरन देवी, मुफीद अहमद, दीपक कुमार, अजीत कुमार मिश्रा को पीएमजेजेबीवाई योजनान्तर्गत 2-2 लाख रुपये का चेक वितरित किया गया। इसी प्रकार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत संचालित स्वयं सहायता समूह- प्रधान महिला जय बजरंगबली, शिव शक्ति, मॉ काली प्रेरणा को 6-6 लाख रुपए का चेक वितरित किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *