शासकीय अधिवक्ताओं के वर्तमान में रिक्त पदों पर इच्छुक अधिवक्ताओं के आवेदन पत्र आमंत्रित किये जाते है। रिक्त पदों की संख्या व वांछित योग्यता का विवरण निम्नवत है

कार्यालय जिला मजिस्ट्रेट सुलतानपुर।

संख्या 1970/ जे०ए०- शा० अधि०-नियुक्ति

दिनांक 17 अक्टूबर, 2022

न्याय अनुभाग – 03 (नियुक्तियाँ) उ०प्र० शासन लखनऊ द्वारा निर्गत शासनादेश

संख्या:- फाइल नं०-07-3099/7/2022-3 दिनांक 18.09.2022 द्वारा दिये गये निर्देश के क्रम में शासकीय अधिवक्ताओं के वर्तमान में रिक्त पदों पर इच्छुक अधिवक्ताओं के आवेदन पत्र आमंत्रित किये जाते है। रिक्त पदों की संख्या व वांछित योग्यता का विवरण निम्नवत है-
क०
पदनाम
रिक्त पदों की संख्या
वांछित योग्यता

01

02

03

04

01

जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी)

01

ऐसे अधिवक्ता जिन्होंने न्यूनतम 10 वर्ष की प्रैक्टिस (विधि व्यवसाय) पूर्ण कर ली हो।

ऐसे अधिवक्ता जिन्होंने न्यूनतम 07 वर्ष की

02

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी)

03

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व)

01

प्रैक्टिस (विधि व्यवसाय) पूर्ण कर ली हो। ऐसे अधिवक्ता जिन्होंने न्यूनतम 07 वर्ष की

प्रैक्टिस (विधि व्यवसाय) पूर्ण कर ली हो।

04

02 20

नामिका अधिवक्ता

03

(फौजदारी)

नामिका अधिवक्ता (दीवानी)

03

ऐसे अधिवक्ता जिन्होंने न्यूनतम 05 वर्ष की प्रैक्टिस (विधि व्यवसाय) पूर्ण कर ली हो। ऐसे अधिवक्ता जिन्होंने न्यूनतम 05 वर्ष की प्रैक्टिस (विधि व्यवसाय) पूर्ण कर ली हो।

8 05

उक्त पद हेतु वांछित योग्यता रखने वाले इच्छुक अधिवक्ता अपना आवेदन पत्र निम्न प्रारूप पर समस्त प्रमाणित विवरण पत्र / प्रमाण पत्र के साथ अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में दिनांक 18.10.2022 से 10.11.2022 तक किसी भी कार्य दिवस में प्रातः 10:00 बजे से सायं 04 बजे तक 102 प्रतियों में न्याय सहायक कलेक्ट्रेट के पटल पर प्रस्तुत कर सकते हैं। अपूर्ण प्रार्थना पत्रों व अन्तिम तिथि के उपरान्त प्राप्त प्रार्थना पत्रों को स्वीकार नही किया जायेगा और न इन पर कोई विचार ही किया जायेगा।

उक्त पद हेतु अधिकतम आयु 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। आवेदक से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने नाम और ऐसे विवरण दें जैसे आयु, विधि वर्ग, संस्था (बार) में किये गये विधि व्यवसाय की अवधि हिन्दी में प्राप्त योग्ताएं पिछले 03 वर्षों में विधि व्यवसाय की आय पर उनके द्वारा अदा किये गये आयकर की धनराशि और यदि आयकर न लगाया गया हो तो उनके द्वारा भेजी गयी आयकर विवरणी यदि कोई हो दो वर्षों की कार्यवाही के दौरान उनके द्वारा किये गये कार्य का न्यायालय द्वारा यथा विधि सत्यापित ब्योरा उपलब्ध करायेंगे। उक्त नियुक्ति निर्धारित अवधि के लिए व्यवसायिक आबद्धता के रूप में की जायेगी और राज्य सरकार को किसी भी समय

बिना कोई कारण बताये आवद्धता समाप्त करने का अधिकार होगा। आवेदक उक्त विज्ञप्ति की जानकारी राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र एन०आई०सी

(N.I.C) की बेवसाईट sultanpur.nic.in पर भी देख सकते हैं। आवेदन पत्र दो प्रतियों में निम्न प्रकार प्रेषित किए जायेंगें:

1. नाम, पिता का नाम तथा पता (बायोडाटा)। 2. शैक्षिक योग्यता (सत्यापित प्रमाण पत्र संलग्न किये जाये)

3. जन्म तिथि (हाई स्कूल उत्तीर्ण प्रमाण पत्र आदि की प्रमाणित प्रतियां

संलग्न की जाय । 4. विधि व्यवसाय में कार्य की अवधि तथा अनुभव ।

5. अधिवक्ता (एडवोकेट) बनने की तिथि।

6. किस कानून की वकालत करते है। 7. हिन्दी ज्ञान।

5. विगत 2 वर्षों में न्यायालयों में किये गये कार्यों का सत्यापित विवरण जिसमें सफलता का प्रतिशत स्पष्ट रूप से अंकित हो।

9. आयकर भुगतान सम्बन्धी सूचना ।

10. क्या कोई दूसरा पद अथवा सरकारी वकील / ओय कमिश्नर नोटरी एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) आदि का पद धारण करते है. यदि हाँ तो कौन सा पद तथा आवेदित पद पर नियुक्ति हो जाने पर क्या उस पद से त्याग पत्र दे देंगे।

11. संलग्न प्रारूप “क” तथा “ख” में विवरण।

13. राजनीति में भाग लेने की दशा में उससे सम्बन्ध विच्छेद करने का अण्डरटेकिंग दिया

जाय।

14. चरित्र / आपराधिक इतिहास के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रदत्त प्रमाण पत्र संलग्न

किया जाय।

12. अन्य कोई विशेष विवरण।

जिला मजिस्ट्रेट सुलतानपुर।

मिशन विजय

Mission Vijay Hindi News Paper Sultanpur, U.P.

सुलतानपुर 23 अगस्त/वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान के तहत बैंक ऑफ़ बड़ौदा सुलतानपुर व वाराणसी कार्यालय द्वारा ग्राम पंचायत स्तरीय तक पहुंच बनाने हेतु जन सुरक्षा संतृप्ति शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के मुख्य अतिथि सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार श्री एम. नागराजू द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर बैंक ऑफ़ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. देबदत्त चांद, महाप्रबंधक विमल कुमार नेगी, अंचल प्रमुख शैलेन्द्र कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अंकुर कौशिक, प्रशिक्षु आईएएस रिदम आनन्द सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण एवं बैंक ऑफ बड़ौदा समूह के अधिकारी/कर्मचारीगण, स्वयं सहायता समूह के सदस्य आदि मौजूद रहे।  
          मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा मुख्य अतिथि सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार का पुष्पगुच्छ व ओ.डी.ओ.पी. उत्पाद मोमेंटो देकर स्वागत किया गया। पल्लवी नाट्य संस्थान के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
         तत्पश्चात कार्यक्रम के शुभारम्भ अवसर पर मुख्य अतिथि वित्त मंत्रालय के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य वित्तीय समावेशन योजनाओं पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई और एपीवाई, पीएमजेडीवाई, खाता खोलने, नामांकन के महत्व, पुनः-केवाईसी और डिजिटल धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए सुरक्षित बैंकिंग प्रथाओं के बारे में जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं तक निर्बाध पहुंच और धोखाधड़ी की रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। उन्होंने कहा कि जनधन खातों के अन्तर्गत बहुत बड़ी संख्या में अभी तक लोगों द्वारा ईकेवाईसी व नॉमिनी आदि का अंकन नहीं किया गया है। कार्यशाला के माध्यम से वित्तीय समावेशन का  जनजागरूकता  अभियान चलाकर आम जनमानस तक बैंकिंग सेवाओं की पहंुच बढ़ाना है तथा लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
        वित्त सचिव महोदय ने बताया कि इस शिविर के माध्यम से अब तक देश की 60 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को कवर कर लिया गया है, अब तक 21 लाख  लोगों का प्रधानमंत्री जनधन खाता खुल चुका है, 23 लाख लोग पीएम जीवन सुरक्षा योजना, 40 लाख लोग प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं 8.5 लाख लोग अटल पेंशन योजना का लाभ ले रहे है।
        मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा अपने सम्बोधन में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बैंकों के माध्यम से लोगों तक उपलब्ध कराया जाता है। यहां उपस्थित सभी बैंकों के प्रतिनिधियों द्वारा बैंकिंग सम्बन्धी समस्त सुविधाएं निचले स्तर तक लोगों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय।
        वित्तीय समावेशन कार्यशाला में बड़ी संख्या में समूह की महिलाओं व् बी.सी. सखियों ने भागीदारी की, मुख्य अतिथि महोदय द्वारा पात्र लाभार्थियों- सीमा देवी को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, किरन देवी, मुफीद अहमद, दीपक कुमार, अजीत कुमार मिश्रा को पीएमजेजेबीवाई योजनान्तर्गत 2-2 लाख रुपये का चेक वितरित किया गया। इसी प्रकार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत संचालित स्वयं सहायता समूह- प्रधान महिला जय बजरंगबली, शिव शक्ति, मॉ काली प्रेरणा को 6-6 लाख रुपए का चेक वितरित किया गया।

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